भारत के रोजगार बाजार में नई क्रांति Occupational Shortage Index Portal

Occupational Shortage Index Portal: भारत के रोजगार बाजार में नई क्रांति
अर्थ जगत | रोजगार

Occupational Shortage Index Portal: भारत के रोजगार बाजार में नई क्रांति

अब नौकरी का डेटा और स्किल्स की डिमांड एक क्लिक पर! OSI Portal से भर्ती, नीति निर्माण और करियर में मिलेगी हकीकत की जानकारी।
भारत का OSI Portal
Occupational Shortage Index Portal का इंटरफेस—सरल और डेटा-संपन्न
भारत सरकार ने जनवरी 2025 में Occupational Shortage Index Portal लॉन्च किया—यह पोर्टल करोड़ों नौकरी चाहने वालों, कंपनियों, और नीति निर्माताओं के लिए एक गेमचेंजर साबित हो सकता है। अब रोजगार बाजार की सही तस्वीर डेटा के साथ सबके सामने होगी।

OSI Portal: उद्देश्य, पृष्ठभूमि और कैसे आई ये जरूरत?

देश की अर्थव्यवस्था, बदलती तकनीक और शिक्षा के बदलते स्वरूप में एक चुनौती रही कि अच्छे नौकरी के मौके और सही उम्मीदवारों के बीच एक बड़ा अंतर है। 2019 के डाटा के मुताबिक 60.5% लोग उस नौकरी में हैं, जिसके लिए वे पूरी तरह योग्य नहीं। यही स्किल mismatch, अपार संभावना और कई कठिनाइयों की वजह है। सरकार ने डेटा आधारित समाधान के लिए OSI Portal पेश किया जो देश-राज्य स्तर पर रोजगार और कौशल की वास्तविक तस्वीर देता है।

“Occupational Shortage Index Portal अब पॉलिसी, शिक्षा और निजी सेक्टर को सीधे बाजार के अनुसार अपडेट करेगा।”

OSI Portal कैसे काम करता है?

डेटा और इसके चार प्रमुख संकेतक

इस पोर्टल का डाटा मुख्य रूप से Periodic Labour Force Survey (PLFS) से आता है। PLFS हर तीन महीने में देशभर के लाखों परिवारों की नौकरी, स्किल्स, और सैलरी का डाटा देता है। इसकी मुख्य चार संकेतक हैं:

  • वेतन वृद्धि: जिस क्षेत्र में वेतन में तेजी है, वहां कर्मचारियों की मांग ज्यादा है।
  • रोजगार दर में बढ़ोतरी: अगर किसी व्यवसाय में हर साल कर्मचारियों की संख्या बढ़े, तो वो सेक्टर hot demand में है।
  • काम के घंटों का बढ़ना: कर्मचारी ज़्यादा घंटे और overtime कर रहे हैं, मतलब कर्मचारियों की कमी है।
  • योग्यता का mismatch: ज्यादा कर्मचारी कम योग्य हैं, यानी सही टैलेंट की कमी है।

पोर्टल यह सब डाटा जेनरेट करता है और ग्राफ, टेबल, क्वेरी बेस्ड सर्च, और राज्य/सेक्टर आधारित रिपोर्ट में दिखाता है।

कंपनियों, नियोक्ताओं और संस्थानों के लिए फायदे

  • नियोक्ता जान पाएंगे कि उनकी इंडस्ट्री में किस पद की सबसे ज्यादा डिमांड है।
  • कंपनियों को वेतन और भर्ती नीति बनाते समय मार्केट डेटा मिलेगा।
  • ट्रेनिंग और स्किल संस्थान अपने कोर्स को रोजगार की डिमांड के अनुसार अपडेट कर सकते हैं।
  • टैलेंट हंट और इंटर्नशिप प्रोग्रामों के लिए सटीक डेटा प्राप्त होगा।
“डिस्ट्रीक्ट, राज्य या पूरे देश की रिपोर्ट जेनरेट करके कंपनियां और संस्थान अपने HR प्लान को स्मार्ट बना सकते हैं।”

नौकरी तलाश रहे युवाओं के लिए लाभ

किस क्षेत्र में नौकरी मांग है, किस राज्य में कौन सा स्किल top है — OSI Portal सब दिखाएगा। इससे करियर प्लानिंग और स्किल सिखना आसान होगा। आप आसानी से देख सकते हैं, “मेरी योग्यता से कहां ज्यादा वेकेंसी है?”

  • Career Counseling के लिए सटीक डेटा
  • Govt Exams (BPSC, STET आदि) के लिए Demand Sector फोकस
  • e-Shram से डायरेक्ट नौकरी और स्किलिंग की अपॉर्च्युनिटी
“कोई भी अब blindly course नहीं चुनेगा, पोर्टल से देख लें किस क्षेत्र में आगे नौकरी है!”

राज्यवार/क्षेत्रीय रिपोर्ट्स और इंडस्ट्री कवरेज

OSI Portal राज्य के हिसाब से डाटा देता है—महाराष्ट्र में निर्माण कर्मियों की सबसे ज्यादा कमी है, तो बिहार में हेल्थ सेक्टर में। इससे regional skill development प्रोग्राम बनाना आसान है।

  • प्रबंधकीय पद
  • स्वास्थ्य पेशेवर
  • IT/टेक्नोलॉजी (आने वाले अपडेट में)
  • सफाई कर्मचारी व हेल्पर्स
  • अन्य प्रमुख सेक्टर (शिक्षा, ट्रांसपोर्ट)

अभी शुरुआती व्यवसायों पर ध्यान है, आगे सभी इंडस्ट्री कवर होंगी।

चुनौतियां, सीमाएं और अगला कदम

  • PLFS डेटा 2-3 माह पुराना होगा, real-time के लिए monthly updates जरूरी।
  • असंगठित क्षेत्र के लिए डेटा पूर्ण नहीं — लेकिन e-Shram से सुधार संभव।
  • बहुत विशिष्ट इंडस्ट्री की डीटेल्स आने में वक्त लगेगा।
  • शुरुआती दौर में वेतन डेटा कुछ सेक्टर के लिए limited है।
“डेटा अपडेट, इंडस्ट्री के विस्तार और यूजर की भागीदारी से OSI Portal रोज़गार की प्रणाली बदल सकता है।”

निष्कर्ष

Occupational Shortage Index Portal भारत के नौकरियों, कौशल विकास और शिक्षा सेक्टर के लिए गाइड जैसा है। आगे आने वाले समय में, इसी पोर्टल की डेटा स्ट्रीम से योजनाएं, भर्ती और करियर काउंसलिंग स्मार्ट होगी।

  • जनवरी 2025 में OSI Portal लॉन्च
  • डेटा आधारित जॉब, स्किल्स, और नीति का फ्यूचर
  • कंपनी, छात्र, नीति निर्माता — सभी के लिए लाभकारी
  • अगले अपडेट्स में और इंडस्ट्री व फीचर्स बढ़ेंगे

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