Trial in Absentia: BNSS और BHARATPOL की भूमिका
क्रांतिकारी बदलाव: भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) के स्थान पर आई भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 ने 'Trial in Absentia' की अवधारणा शुरू की है। इसके साथ ही BHARATPOL पोर्टल ने इस प्रक्रिया को व्यावहारिक रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
Trial in Absentia क्या है?
परिभाषा
Trial in Absentia का अर्थ है "अनुपस्थिति में मुकदमा"। यह एक कानूनी प्रक्रिया है जिसमें अदालत उस आरोपी के खिलाफ मुकदमा चला सकती है जो मुकदमे के दौरान उपस्थित नहीं होता है।
BNSS धारा 356 के तहत प्रावधान
BNSS की धारा 356 प्रख्यात अपराधी (Proclaimed Offender) के मामले में Trial in Absentia की अनुमति देती है। यदि आरोपी भगोड़ा है और उसे पकड़ने के सभी प्रयास विफल रहे हैं, तो अदालत उसकी अनुपस्थिति में मुकदमा जारी रख सकती है।
पुरानी बनाम नई कानूनी व्यवस्था
🗓️ पुरानी CrPC व्यवस्था
मुख्य सीमाएं:
- भगोड़े आरोपी के मामले में मुकदमा अनिश्चित काल के लिए स्थगित हो जाता था
- गवाहों के बयान और सबूत समय के साथ कमजोर होते जाते थे
- पीड़ितों को न्याय मिलने में वर्षों लग जाते थे
- अपराधी विदेश में सुरक्षित रहकर भारतीय कानून से बच सकते थे
🚀 नई BNSS व्यवस्था
मुख्य लाभ:
- भगोड़े आरोपी के खिलाफ उसकी अनुपस्थिति में मुकदमा चलाया जा सकता है
- गवाहों के बयान संरक्षित किए जा सकते हैं
- अनुपस्थिति में सजा संभव है
- अपराधी को यह संदेश कि भागने से मुकदमा रुक नहीं जाएगा
BHARATPOL की महत्वपूर्ण भूमिका
कैसे BHARATPOL Trial in Absentia को संभव बनाता है?
1. डॉक्युमेंटेशन और सबूत: BHARATPOL पोर्टल अदालत को यह साबित करने में मदद करता है कि आरोपी वास्तव में भगोड़ा है और उसे पकड़ने के सभी अंतरराष्ट्रीय प्रयास किए गए हैं।
2. रेड कॉर्नर नोटिस ट्रैकिंग: पोर्टल के जरिए जारी रेड कॉर्नर नोटिस की स्थिति की रीयल-टाइम ट्रैकिंग अदालत को प्रदान की जा सकती है।
3. अंतरराष्ट्रीय सहयोग का रिकॉर्ड: पोर्टल में हर अंतरराष्ट्रीय अनुरोध और प्रतिक्रिया का पूरा ऑडिट ट्रेल मौजूद होता है।
4. डिजिटल सबूत प्रबंधन: विदेश से प्राप्त डिजिटल सबूतों को पोर्टल के जरिए सुरक्षित रूप से संग्रहीत और प्रबंधित किया जा सकता है।
Trial in Absentia की संपूर्ण प्रक्रिया
आरोपी भगोड़ा हो जाता है
मुकदमे के दौरान आरोपी भाग जाता है या विदेश चला जाता है
BHARATPOL के जरिए अंतरराष्ट्रीय खोज
पुलिस BHARATPOL पोर्टल के जरिए रेड कॉर्नर नोटिस और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की प्रक्रिया शुरू करती है
प्रख्यात अपराधी घोषित
अदालत आरोपी को प्रख्यात अपराधी (Proclaimed Offender) घोषित करती है
Trial in Absentia की अनुमति
अदालत BNSS धारा 356 के तहत Trial in Absentia की अनुमति देती है
मुकदमा जारी रहता है
गवाहों के बयान दर्ज किए जाते हैं, सबूत पेश किए जाते हैं
निर्णय और सजा
अदालत आरोपी के खिलाफ निर्णय दे सकती है और सजा सुन
